Saturday, 4 July 2026

इंतजार. . . .

कारण :-

भूख न होती 

तो खाने की सुगंध का इंतजार न होता . . . . 


झूठ न होता 

तो ये सच जानने का इंतजार न होता . . . . 


अगर पर्दा न होता 

तो ये पर्दा हटने का इंतजार न होता . . . . 


तुम गुस्सा न होते 

तो तुम्हारी मुस्कान का इंतजार न होता . . . . 


तुम बिछड़ते न  

तो फिर मिलने का इंतजार न होता . . . . 



सच:-

इस पल में 

अगले पल का इंतजार 


बच्चे थे 

तो जवान होने का इन्तजार 


बूढ़े हो रहे 

तो पुनः जवान होने की ख्वाहिश 


ताउम्र 

इन ख्वाहिशों के पूरा होने का इंतजार 


सब बातों का एक ही सार 

जीवन का दूसरा नाम है इंतजार 


लेना हो आनन्द 

तो करना सीखो इंतजार !



सारांश :-

जिस दिन दिन इंतजार ख़त्म . . . . . .

समझो जीवन ख़त्म !




सीख:-

बिछड़ते अगर न तुम यूँ 

तो दिल में ये तड़प न होती 

जीवित होने का एहसास न होता 

फिर जीवन में आनन्द न होता . . . . !


ⒸⓇइंतजार/अनुनाद/आनन्द/०४.०७.२०२६ 

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