Saturday, 25 July 2026

पर्दा

अगर पर्दा न होता 

तो ये पर्दा हटने का इंतजार न होता . . . . 


इंतजार का ही खेल सारा 

इंतजार न होता 

तो आनंद न होता !


सुनो न !

तुम जब आना

थोड़े पर्दे में आना 


रखना पर्दा.....,

अपने हसीन चेहरे पर 

बातों के लहजे पर

हरकतों के हलचल पर। 


सुनो !

तुम इसे कोई जबरन दिया हुवा आदेश मत समझना 

एक गुजारिश समझना !


तुम्हें 

किसी की नज़र न लगे 

मेरी भी 

इसलिए सबकी नजरों से बचना ।


अगर ये पर्दा न होता 

तो पर्दा हटना का इंतेज़ार भी न होता 

तुम हद से ज़्यादा ख़ूबसूरत न होते 

मैं यूँ बेचैन न होता.........!


सदा 

बचा कर रखना 

थोड़ा सा पर्दा.......

ⒸⓇ इंतजार और पर्दा/अनुनाद/आनन्द/२५.०७.२०२६ 

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